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title: "Delivery Challan Kya Hota Hai? फॉर्मेट, नियम और GST रूल्स 2026"
description: "Delivery challan kya hota hai? जब बिना सेल के माल भेजा जाता है, job work, exhibition या branch transfer के लिए, तब यही डॉक्यूमेंट लगता है। पूरी गाइड।"
author: "Himanshu"
published: 2026-09-25T05:00:51.687Z
updated: 2026-09-25T05:00:51.690Z
url: https://blog.mybillplease.com/hi/delivery-challan-kya-hota-hai
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# Delivery Challan Kya Hota Hai? फॉर्मेट, नियम और GST रूल्स 2026

## Key takeaways

- CGST Rules के Rule 55 के तहत delivery challan उस माल की मूवमेंट दर्ज करता है जिसमें कोई सेल नहीं होती: job work, approval, exhibition, branch transfer और सैंपल।
- Challan पर GST नहीं लगता, लेकिन consignment value ₹50,000 से ज़्यादा होने पर e-way bill फिर भी ज़रूरी है।
- Job work पर भेजा गया माल 1 साल के अंदर वापस आना चाहिए (capital goods के लिए 3 साल), वरना principal को tax invoice जारी करके ब्याज सहित GST भरना पड़ता है।
- Challan की अपनी अलग number series होनी चाहिए, और उसमें invoice जैसे ही mandatory fields चाहिए: HSN, quantity, value, place of supply और signature।

## GST में Delivery Challan Kya Hota Hai?

डिलीवरी चालान क्या होता है, इसका सीधा जवाब यह है कि यह वह डॉक्यूमेंट है जो तब जारी किया जाता है जब माल सेल के अलावा किसी और वजह से एक जगह से दूसरी जगह भेजा जाता है। [tax invoice](/gst-invoice-format-guide) एक taxable supply का रिकॉर्ड होता है, जबकि delivery challan सिर्फ़ माल की मूवमेंट दर्ज करता है, जहाँ उस वक़्त कोई सेल नहीं हो रही होती: जैसे job work के लिए माल भेजना, प्रोडक्ट exhibition में ले जाना, approval पर माल भेजना, या अपनी ही branches के बीच स्टॉक ट्रांसफर करना।

GST में delivery challan को CGST Rules के Rule 55 में अलग से कवर किया गया है। कुछ तरह की goods movement के लिए यह कानूनी तौर पर ज़रूरी है। बिना सही डॉक्यूमेंट के, यानी बिना invoice या delivery challan के, माल ले जाने पर चेकपोस्ट पर गाड़ी रोकी जा सकती है और Section 129 के तहत पेनल्टी लग सकती है। अगर माल की वैल्यू ₹50,000 से ज़्यादा है, तो delivery challan के साथ [e-way bill](/e-way-bill-guide) भी चाहिए।

[myBillPlease](https://www.mybillplease.com/signup) में हम जिन 8 document types को सपोर्ट करते हैं, delivery challan उनमें से एक है। सही फ़ॉर्मेट में challan बनाइए, भेजे गए और वापस आए माल को ट्रैक कीजिए, और GST compliance के लिए पूरा रिकॉर्ड बनाए रखिए। स्ट्रक्चर देखने के लिए [मुफ़्त delivery challan format टेम्पलेट](https://www.mybillplease.com/tools/delivery-challan-format) डाउनलोड कीजिए, या टैक्स से जुड़ी किसी भी कैलकुलेशन के लिए हमारा [GST calculator](https://www.mybillplease.com/tools/gst-calculator) इस्तेमाल कीजिए।

नीचे delivery challan से जुड़ी हर ज़रूरी बात हिंदी में दी गई है: challan कब जारी करना है, mandatory format क्या है, इसके GST implications क्या हैं, और delivery challan दूसरे डॉक्यूमेंट्स से कैसे अलग है।

![myBillPlease में delivery challan बनाने की स्क्रीन, जिसमें Reason for Movement और Transporter Details दिखते हैं](https://blog-media.cdn.byteinfy.com/media/25/2528e8a30c42181025ed6a53e87330eb/original.webp)

*Delivery challan में movement का कारण और transporter की जानकारी भरनी होती है, यही इसे tax invoice से अलग करता है।*

## Delivery Challan कब जारी करें (Tax Invoice नहीं)
CGST Rules का Rule 55 इन स्थितियों को गिनाता है
- Job work के लिए भेजा गया माल: प्रोसेसिंग के लिए job worker को भेजा गया कच्चा माल या semi-finished goods
- Job work से वापस आया माल: job worker से लौटा हुआ तैयार या प्रोसेस किया हुआ माल
- Approval या sale-or-return आधार पर भेजा गया माल: ग्राहक खरीदने का फ़ैसला करने से पहले माल देखता है
- Exhibition या ट्रेड फेयर के लिए भेजा गया माल: डिस्प्ले का सामान, जो इवेंट में बिक भी सकता है और नहीं भी
- Branch transfer या stock transfer: एक ही राज्य में अपने ही गोदामों या branches के बीच माल भेजना
- फ्री सैंपल के तौर पर भेजा गया माल: परखने के लिए संभावित ग्राहकों को दिया गया प्रमोशनल सामान
- पाइपलाइन से भेजी जाने वाली लिक्विड गैस: continuous supply के लिए खास प्रावधान
- Semi-knocked down या completely knocked down माल: हिस्सों में भेजा गया सामान, जिसे पहुँचने की जगह पर जोड़ा जाता है

## Delivery Challan aur Tax Invoice me Antar (और Bill of Supply)
तीन अलग-अलग स्थितियों के लिए तीन डॉक्यूमेंट
| Delivery Challan | Tax Invoice | Bill of Supply |
| --- | --- | --- |
| मक़सद | बिना सेल के माल की मूवमेंट | माल या सेवाओं की taxable सेल | Exempt या composition supply |
| GST लगता है | नहीं, यह सेल नहीं है | हाँ, CGST+SGST या IGST | नहीं, exempt या composition |
| पाने वाले को ITC | नहीं, यह खरीद नहीं है | हाँ, ITC क्लेम हो सकता है | नहीं |
| GSTR-1 में रिपोर्ट | नहीं | हाँ, Tables 4/5/7 | नहीं |
| GST नियम | Rule 55 CGST Rules | Section 31 CGST Act | Section 31(3)(c) |
| E-way bill चाहिए | हाँ, अगर वैल्यू ₹50,000 से ज़्यादा | हाँ, अगर वैल्यू ₹50,000 से ज़्यादा | हाँ, अगर वैल्यू ₹50,000 से ज़्यादा |
| आम इस्तेमाल | Job work, exhibition, approval | नियमित B2B और B2C सेल | Composition dealers, exempt माल |
| Number series | अलग challan series (DC-001) | Invoice series (INV-001) | Bill series (BOS-001) |

## Delivery Challan Format: ज़रूरी फ़ील्ड्स

CGST Rules का Rule 55(1) delivery challan के लिए ये फ़ील्ड्स तय करता है:

**1. तारीख़ और नंबर:** Invoice से अलग series में सिलसिलेवार challan नंबर। जारी करने की तारीख़।

**2. भेजने वाले की डिटेल:** Consignor यानी माल भेजने वाले का नाम, पता और GSTIN।

**3. पाने वाले की डिटेल:** Consignee यानी माल पाने वाले का नाम, पता और GSTIN (अगर रजिस्टर्ड है)।

**4. HSN code:** भेजी जा रही हर आइटम का [HSN code](https://www.mybillplease.com/hsn)। शर्त invoice जैसी ही है, टर्नओवर के हिसाब से 4 या 6 अंक।

**5. माल का विवरण:** क्या भेजा जा रहा है, यह साफ़ पहचान में आना चाहिए।

**6. मात्रा:** यूनिट की संख्या, वज़न, या कोई और माप।

**7. Taxable value:** टैक्स भले न लग रहा हो, माल की वैल्यू लिखनी ज़रूरी है। वैल्यू ₹50,000 से ऊपर होने पर e-way bill बनाने के लिए यही आँकड़ा काम आता है।

**8. टैक्स रेट और रकम:** अगर GST लागू है (challan में यह कम ही होता है), तो टैक्स दिखाइए। ज़्यादातर challan में यह शून्य रहता है या N/A लिखा जाता है।

**9. Place of supply:** वह राज्य जहाँ माल डिलीवर हो रहा है।

**10. हस्ताक्षर:** भेजने वाले का authorised signatory।

सारे फ़ील्ड पहले से सेट किया हुआ हमारा [मुफ़्त delivery challan format टेम्पलेट](https://www.mybillplease.com/tools/delivery-challan-format) डाउनलोड कीजिए। [myBillPlease](https://www.mybillplease.com/signup) में document type में Delivery Challan चुनिए, सारे mandatory fields अपने आप मिलते हैं, नंबरिंग भी ऑटोमैटिक।

## Job Work के लिए Delivery Challan: खास नियम

Delivery challan जारी करने की सबसे आम वजह job work ही है। जब आप प्रोसेसिंग के लिए कच्चा माल किसी job worker के पास भेजते हैं (जैसे दर्ज़ी को कपड़ा या fabricator को मेटल), तो उस मूवमेंट का रिकॉर्ड job work challan ही रखता है।

> **वापसी की समय-सीमा**
> 
> Job work के लिए भेजा गया माल भेजने की तारीख़ से 1 साल के अंदर वापस आना चाहिए (capital goods के लिए 3 साल)। इस अवधि में माल वापस न आए, तो भेजने वाले को tax invoice जारी करना पड़ेगा और GST ऐसे भरना पड़ेगा मानो माल बेच दिया गया हो। Compliance के लिहाज़ से यह अहम बात है: सभी खुले challan ट्रैक कीजिए और समय पर वापसी पक्की कीजिए।

**ITC-04 फाइलिंग:** अगर आप job work के लिए माल भेजते हैं, तो ITC-04 हर तिमाही फाइल करना ज़रूरी है (₹5 करोड़ तक के टर्नओवर पर सालाना)। इस रिटर्न में भेजा गया माल, वापस आया माल, और job worker के परिसर से सीधी हुई कोई भी सप्लाई रिपोर्ट होती है। Delivery challan की डिटेल यहीं ITC-04 में जाती है।

**Job worker के परिसर से सप्लाई:** अगर तैयार माल job worker की जगह से सीधे आपके ग्राहक को भेजा जाता है, तो tax invoice आप जारी करते हैं, लेकिन delivery challan (और e-way bill) में डिस्पैच की जगह job worker का पता दिखता है।

myBillPlease में delivery challan के साथ job work का स्टेटस भी ट्रैक होता है: भेजा गया, प्रोसेस में, वापस आया। 1 साल की डेडलाइन के करीब पहुँच रहे सारे खुले challan आपको एक जगह दिख जाते हैं, ताकि समय-सीमा ख़त्म होने से पहले आप कार्रवाई कर सकें। इससे बिना लौटे job work माल पर अचानक आने वाली टैक्स देनदारी से बचाव होता है।

> **Delivery Challan और E-Way Bill: ज़रूरी बातें**
> 
> जब माल delivery challan के साथ जाता है और consignment value ₹50,000 से ज़्यादा होती है, तो [e-way bill](/e-way-bill-guide) ज़रूरी है, भले ही यह सेल न हो।
> 
> **E-way bill में document type:** E-way bill बनाते समय document type में 'Delivery Challan' चुनिए। Invoice नंबर नहीं, challan नंबर और तारीख़ भरिए।
> 
> **Supply type:** Job work के लिए supply type में 'Others' और sub-type में 'For Job Work' चुनिए। Exhibition के लिए 'Others, For Exhibition' चुनिए। सही e-way bill बनाने के लिए यह वर्गीकरण मायने रखता है।
> 
> **वैधता:** Delivery challan के e-way bill की वैधता invoice वाले नियमों जैसी ही दूरी पर आधारित है: 200 km तक 1 दिन, 200-400 km के लिए 3 दिन, और इसी तरह आगे।
> 
> **वापसी का सफ़र:** Job work या exhibition से माल लौटते समय वापसी के सफ़र के लिए नया delivery challan और नया e-way bill चाहिए। पुराना challan सिर्फ़ बाहर जाने वाली मूवमेंट को कवर करता है।

_[form: delivery-challan-format-hi]_

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## FAQ

### GST में delivery challan kya hota hai?

Delivery challan वह डॉक्यूमेंट है जो CGST Rules के Rule 55 के तहत तब जारी होता है जब माल बिना सेल के भेजा जाता है: job work, exhibition, approval, branch transfer या फ्री सैंपल। इस पर GST नहीं लगता, क्योंकि कोई taxable supply होती ही नहीं। वैल्यू ₹50,000 से ज़्यादा हो तो साथ में e-way bill भी ज़रूरी है।

### Tax invoice की जगह delivery challan कब जारी करना चाहिए?

Delivery challan तब जारी कीजिए जब माल जा रहा हो पर सेल न हो रही हो: job worker को कच्चा माल, exhibition का सामान, approval या sale-or-return पर भेजा माल, branch के बीच स्टॉक ट्रांसफर और फ्री सैंपल। Tax invoice सिर्फ़ taxable supply पर बनाइए, वरना बेवजह टैक्स देनदारी बनती है और खरीदार गलती से ITC क्लेम कर लेता है।

### क्या delivery challan पर GST लगता है?

आम तौर पर नहीं, यह बिना सेल के माल की मूवमेंट है। अपवाद दो हैं: approval पर भेजा माल ग्राहक स्वीकार कर ले तो 6 महीने के अंदर tax invoice ज़रूरी है, और job work का माल 1 साल (capital goods 3 साल) में वापस न आए तो deemed supply मानकर GST के साथ tax invoice जारी करना पड़ता है।

### क्या delivery challan के साथ e-way bill ज़रूरी है?

हाँ, अगर consignment value ₹50,000 से ज़्यादा है। Rule 138 की शर्त माल की हर मूवमेंट पर लागू होती है, चाहे डॉक्यूमेंट tax invoice हो, delivery challan या bill of supply। E-way bill बनाते समय document type में Delivery Challan चुनिए और challan नंबर भरिए। बिना मोटर वाले परिवहन और exempt माल की छूट यहाँ भी लागू है।

### Job work के लिए delivery challan पर भेजे गए माल को वापस लाने की समय-सीमा क्या है?

Job work के लिए challan पर भेजा माल भेजने की तारीख़ से 1 साल के अंदर principal के पास वापस आना चाहिए, capital goods के लिए 3 साल। इसमें वापस न आए तो समय-सीमा ख़त्म होने की तारीख़ को उसे principal की सप्लाई माना जाता है: tax invoice जारी कीजिए, ब्याज के साथ GST भरिए और GSTR-1 में दिखाइए।

### myBillPlease में delivery challan कैसे बनाएँ?

Documents में New पर क्लिक कीजिए और document type में Delivery Challan चुनिए। पाने वाले की डिटेल भरिए, HSN codes और मात्रा के साथ आइटम जोड़िए, और भेजने की वजह चुनिए। Challan को invoice से अलग series में अपने आप नंबर मिलता है और खुले challan ट्रैक होते रहते हैं, ताकि 1 साल की सीमा के अंदर वापसी हो सके।

### क्या delivery challan को tax invoice में बदला जा सकता है?

हाँ, कुछ स्थितियों में। Approval पर भेजा माल ग्राहक स्वीकार कर ले या exhibition में माल बिक जाए, तो मूल challan नंबर का हवाला देते हुए tax invoice जारी होता है। myBillPlease में challan चुनकर Convert पर क्लिक कीजिए, आइटम की डिटेल नए invoice में चली जाती है और challan उससे जुड़कर audit trail बनाए रखता है।
