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Invoicing & Formats

Invoice कैसे बनाएं PDF में: 10 टेम्पलेट

PDF में invoice बनाने के तीन तरीके हैं और दस तरह के टेम्पलेट। यह गाइड बताती है कि किस काम के लिए कौन सा टेम्पलेट सही है, GST के कौन से फील्ड हर PDF में होने चाहिए, और मोबाइल या लैपटॉप से PDF बनाकर WhatsApp पर भेजने के स्टेप क्या हैं।

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Himanshu · 9 min read · updated 14 सितंबर 2026
Close-up of person using a calculator with financial documents in an office.
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Key takeaways

  • PDF में invoice बनाने के तीन तरीके हैं: बिना अकाउंट वाला ऑनलाइन जनरेटर, बिलिंग सॉफ्टवेयर, और Excel या Word से PDF; फर्क डेटा के दोबारा इस्तेमाल में है, PDF में नहीं।
  • GST रजिस्टर्ड हैं तो टेम्पलेट कोई भी हो, Rule 46 के फील्ड हर PDF में चाहिए: GSTIN, क्रमबद्ध नंबर, HSN या SAC, टैक्सेबल वैल्यू, रेट और CGST/SGST या IGST अलग-अलग।
  • दस टेम्पलेट दस काम के लिए हैं: क्लासिक, कॉम्पैक्ट, विस्तृत टैक्स ब्रेकअप, सर्विस, रिटेल, एक्सपोर्ट, प्रोफॉर्मा, ब्रांडेड, दो भाषा और मिनिमल; लोगो और बैंक डिटेल हर एक में होनी चाहिए।
  • PDF बनना आधा काम है; इनवॉइस नंबर सीरीज़ से आए, रिकॉर्ड सेव हो और वही डेटा GSTR-1 में जाए, तभी PDF तरीका काम का है।

PDF में invoice बनाने के तीन तरीके हैं: बिना अकाउंट वाला ऑनलाइन जनरेटर, जिसमें फील्ड भरकर PDF डाउनलोड होता है; बिलिंग सॉफ्टवेयर, जिसमें कस्टमर और आइटम एक बार सेव होकर हर बिल में आते हैं और PDF टेम्पलेट चुनकर बनता है; और Excel या Word का टेम्पलेट, जिसे Save as PDF से बदला जाता है। तीनों से एक जैसा दिखने वाला PDF बन सकता है। फर्क इसमें है कि अगला बिल कितनी देर में बनेगा और महीने के अंत में वही डेटा रिटर्न में जाएगा या नहीं।

टेम्पलेट का चुनाव दूसरा सवाल है। B2B कस्टमर को हर लाइन में टैक्स का ब्रेकअप चाहिए, रिटेल कस्टमर को छोटा साफ बिल, विदेशी कस्टमर को करेंसी और LUT वाला एक्सपोर्ट फॉर्मेट, और सर्विस देने वाले को SAC वाला बिना क्वांटिटी का लेआउट। इसलिए दस तरह के टेम्पलेट का होना दिखावा नहीं, जरूरत है।

यह गाइड पहले बताती है कि हर PDF में क्या होना चाहिए, फिर तीनों तरीकों की तुलना, फिर बिलिंग सॉफ्टवेयर में स्टेप बाय स्टेप PDF, दस टेम्पलेट का इस्तेमाल, लोगो और बैंक डिटेल, मोबाइल से WhatsApp पर भेजना, और आम गलतियां। पूरी GST बिलिंग प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन GST बिल कैसे बनाएं देखें।

Invoice PDF में क्या-क्या होना चाहिए

टेम्पलेट का रंग-रूप आपकी पसंद है; फील्ड कानून तय करता है। GST रजिस्टर्ड बिज़नेस के लिए Rule 46 यह सूची देता है, और इसमें से कुछ भी छूटे तो PDF सुंदर होकर भी अधूरा है।

  • सप्लायर का नाम, पता और GSTIN, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के अनुसार।
  • इनवॉइस नंबर: क्रमबद्ध, 16 कैरेक्टर तक, अक्षर, अंक, हाइफन और स्लैश से बना, फाइनेंशियल ईयर में यूनिक। नियम GST इनवॉइस नंबर फॉर्मेट में हैं।
  • तारीख, जो सप्लाई की तारीख हो, पेमेंट की नहीं।
  • कस्टमर का नाम और पता; रजिस्टर्ड कस्टमर का GSTIN; 50,000 रुपये या ज्यादा के B2C बिल पर पता जरूरी।
  • प्लेस ऑफ सप्लाई और राज्य का कोड, खासकर इंटर-स्टेट बिल पर।
  • हर लाइन में विवरण, HSN (गुड्स) या SAC (सर्विस), क्वांटिटी और यूनिट, प्रति यूनिट कीमत, डिस्काउंट, टैक्सेबल वैल्यू।
  • रेट और टैक्स की रकम: इंट्रा-स्टेट पर CGST और SGST अलग-अलग, इंटर-स्टेट पर IGST। रेट 22 सितंबर 2025 से 5, 18 या 40 प्रतिशत या nil।
  • रिवर्स चार्ज लागू है या नहीं।
  • कुल रकम अंकों और शब्दों में, और सिग्नेचर या ऑथराइज़्ड सिग्नेटरी का नाम।

GST रजिस्टर्ड नहीं हैं तो GSTIN और टैक्स की लाइनें नहीं आतीं और डॉक्यूमेंट का नाम Tax Invoice की जगह Invoice या Bill of Supply होता है। बाकी फील्ड वही रहते हैं। पूरा विवरण GST इनवॉइस फॉर्मेट गाइड और GST बिल फॉर्मेट PDF में है।

myBillPlease में GST invoice बनाते हुए: HSN/SAC code, qty, unit price, discount और tax rate हर line पर
customer चुनिए, item जोड़िए, HSN code और tax rate भरिए, बाकी हिसाब अपने आप।

टेम्पलेट में टैक्स की लाइन छिपाना सबसे महंगी गलती है

कई मिनिमल टेम्पलेट सिर्फ कुल टैक्स दिखाते हैं। B2B बिल पर CGST और SGST या IGST की रकम अलग-अलग न हो तो कस्टमर का ITC का मिलान फेल होता है और सुधार का अनुरोध आपके पास आता है। जो टेम्पलेट चुनें, प्रीव्यू में टैक्स की तीनों लाइनें देखकर चुनें।

तीन तरीके: जनरेटर, सॉफ्टवेयर या Excel

तीनों तरीकों से PDF बनता है। चुनाव इस बात से करें कि महीने में कितने बिल हैं और बिल के बाद डेटा का क्या होना है।

PDF invoice बनाने के तीन तरीके

बातऑनलाइन जनरेटर (बिना अकाउंट)बिलिंग सॉफ्टवेयरExcel या Word से PDF
पहला बिल कितनी देर में5 मिनटसेटअप 30 मिनट, फिर 1 मिनट15 मिनट
कस्टमर और आइटमहर बार भरेंएक बार सेव, फिर चुनेंहर बार भरें या कॉपी करें
इनवॉइस नंबरआप लिखेंसीरीज़ से अपने आपआप बढ़ाएं
टैक्स का बंटवाराजनरेटर करता हैराज्य से अपने आपफॉर्मूला, गलत राज्य पर गलत
टेम्पलेटएक या दोकई, myBillPlease में 10जो आप बनाएं
रिकॉर्डआपके डाउनलोड फोल्डर मेंसिस्टम में, खोज और रिपोर्ट के साथफाइलों में
GSTR-1हाथ सेबिल के डेटा सेहाथ से
किसके लिएकभी-कभार का बिल, तुरंतनियमित बिलिंग, B2B, रिटर्नदस से कम B2C बिल

कभी-कभार एक बिल चाहिए तो जनरेटर सबसे तेज है: mybillplease.com/tools/invoice-generator पर फील्ड भरें और PDF डाउनलोड करें। महीने में दस से ज्यादा बिल हैं या कोई भी B2B कस्टमर है, तो सॉफ्टवेयर की सेटअप का आधा घंटा पहले महीने में ही वसूल हो जाता है। Excel का हिसाब Excel बिलिंग बनाम GST सॉफ्टवेयर में है।

स्टेप बाय स्टेप: बिलिंग सॉफ्टवेयर में invoice PDF

सेटअप एक बार का है, उसके बाद हर बिल में स्टेप 5 से 10 दोहराए जाते हैं। स्क्रीन के नाम सॉफ्टवेयर के हिसाब से थोड़े अलग हो सकते हैं।

बिलिंग सॉफ्टवेयर में invoice बनाने की स्क्रीन (myBillPlease)

  1. फ्री अकाउंट बनाएं। myBillPlease में mybillplease.com/signup से, बिना कार्ड के, फ्री प्लान में महीने में 100 इनवॉइस।
  2. Settings में बिज़नेस प्रोफाइल भरें: नाम, पता, राज्य, GSTIN, लोगो, बैंक डिटेल और सिग्नेचर इमेज।
  3. इनवॉइस की नंबरिंग सीरीज़ तय करें, जैसे INV/26-27/0001। क्रेडिट नोट, प्रोफॉर्मा और चालान की सीरीज़ अलग रखें।
  4. प्रोडक्ट या सर्विस जोड़ें: नाम, HSN या SAC, यूनिट, रेट और कीमत। HSN के लिए mybillplease.com/tools/hsn-code जैसा लुकअप काम आता है।
  5. Invoices खोलें और नया इनवॉइस शुरू करें। नंबर और तारीख अपने आप आते हैं।
  6. कस्टमर चुनें या नया जोड़ें। B2B में GSTIN डालें; सिस्टम उसके पहले दो अंकों से राज्य और प्लेस ऑफ सप्लाई भरता है।
  7. आइटम चुनें और क्वांटिटी डालें। HSN, रेट और टैक्स का बंटवारा मास्टर और राज्य से अपने आप आता है।
  8. शिपिंग या अन्य चार्ज अलग लाइन में जोड़ें; नोट और पेमेंट की शर्तें लिखें।
  9. PDF टेम्पलेट चुनें और प्रीव्यू देखें: लोगो, बैंक डिटेल, टैक्स की लाइनें और कुल।
  10. Save करें, फिर PDF डाउनलोड करें या सीधे ईमेल या WhatsApp पर भेजें।

फोन पर यही स्टेप मोबाइल से GST बिल कैसे बनाएं में छोटी स्क्रीन के हिसाब से हैं, और अंग्रेजी में विस्तार GST इनवॉइस कैसे बनाएं में है।

10 टेम्पलेट: किस काम के लिए कौन सा

बिलिंग सॉफ्टवेयर में आमतौर पर इस तरह के दस लेआउट मिलते हैं। नाम अलग हो सकते हैं, काम यही है। myBillPlease के दस टेम्पलेट में हर एक में लोगो, बैंक डिटेल और GST के फील्ड हैं; फर्क लेआउट और जोर में है।

दस invoice टेम्पलेट और उनका इस्तेमाल

टेम्पलेटकैसा दिखता हैकिसके लिए
क्लासिक टैक्स इनवॉइसपूरे फील्ड, हर लाइन में HSN और रेट, नीचे टैक्स समरीज्यादातर B2B और B2C बिल
विस्तृत टैक्स ब्रेकअपहर लाइन में CGST, SGST और IGST के अलग कॉलमB2B कस्टमर जो ITC मिलाते हैं, ऑडिट
कॉम्पैक्ट एक पेजछोटे फॉन्ट, कम मार्जिन, 25 से ज्यादा लाइनें एक पेज परथोक, कई आइटम वाले बिल
मिनिमलसाफ, कम लाइनें, टैक्स समरी नीचेफ्रीलांसर और सर्विस, B2C
सर्विस इनवॉइसSAC, बिना क्वांटिटी और यूनिट, विवरण के लिए ज्यादा जगहकंसल्टिंग, एजेंसी, रिपेयर
रिटेल या छोटा बिलसंकरा लेआउट, कुल और UPI QR पर जोरदुकान, काउंटर, थर्मल प्रिंट
एक्सपोर्ट इनवॉइसकरेंसी, एक्सचेंज रेट, LUT या IGST का उल्लेख, पोर्ट और देशविदेशी कस्टमर
ब्रांडेडबड़ा लोगो, ब्रांड कलर की पट्टीD2C ब्रांड, प्रीमियम प्रोडक्ट
दो भाषाहिंदी और अंग्रेजी लेबल साथ-साथस्थानीय B2C, छोटे शहरों के कस्टमर
प्रोफॉर्मा और कोटेशन लेआउटवही फील्ड, ऊपर "Proforma Invoice" या "Quotation", टैक्स इनवॉइस से अलग सीरीज़एडवांस, अप्रूवल, टेंडर

चुनाव का नियम सरल है: कस्टमर रजिस्टर्ड है तो विस्तृत ब्रेकअप या क्लासिक, रिटेल है तो रिटेल या मिनिमल, विदेशी है तो एक्सपोर्ट। प्रोफॉर्मा कभी टैक्स इनवॉइस की जगह नहीं लेता और रिटर्न में नहीं जाता; फर्क प्रोफॉर्मा इनवॉइस क्या है में है। एक्सपोर्ट के फील्ड एक्सपोर्ट इनवॉइस फॉर्मेट में हैं।

लोगो, बैंक डिटेल और सिग्नेचर जोड़ना

ये तीनों बिज़नेस प्रोफाइल में एक बार सेव होते हैं और हर टेम्पलेट में अपने आप आते हैं। ऑनलाइन जनरेटर में यही हर बिल पर भरने होते हैं, इसलिए नियमित बिलिंग में सॉफ्टवेयर आगे निकलता है।

लोगो। PNG या JPG, सादा या पारदर्शी बैकग्राउंड, कम से कम 300 पिक्सल चौड़ा, ताकि प्रिंट में धुंधला न हो। चौकोर लोगो ज्यादातर टेम्पलेट में ठीक बैठता है; बहुत चौड़ा लोगो हेडर में छोटा हो जाता है।

बैंक डिटेल। बैंक का नाम, अकाउंट नंबर, IFSC, और चाहें तो UPI ID। कई टेम्पलेट UPI QR भी छापते हैं, जिससे कस्टमर को पेमेंट के लिए अलग से पूछना नहीं पड़ता। बैंक डिटेल बदलें तो पुराने बिल न बदलें; नए बिल से लागू करें।

सिग्नेचर। इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी इनवॉइस पर हाथ का सिग्नेचर जरूरी नहीं है; ऑथराइज़्ड सिग्नेटरी का नाम या सिग्नेचर की इमेज पर्याप्त है। e-invoice के मामले में IRN और QR कोड ही प्रमाणिकता का आधार है।

प्रोफाइल बदलने से पहले एक टेस्ट PDF

लोगो, बैंक डिटेल या पता बदलें तो पहले एक ड्राफ्ट बिल का PDF प्रीव्यू देखें। हेडर में लोगो कटा हुआ या बैंक डिटेल दो लाइन में टूटी हुई तब दिखती है जब बिल कस्टमर के पास पहुंच चुका होता है।

मोबाइल से PDF बनाकर WhatsApp पर भेजना

ज्यादातर छोटे व्यापारी बिल फोन से भेजते हैं, और यहां PDF का तरीका कागज से आगे है: कस्टमर की चैट में बिल हमेशा मिल जाता है।

  1. फोन के ब्राउज़र या ऐप में बिलिंग सॉफ्टवेयर खोलें और Invoices में नया बिल बनाएं, ऊपर के स्टेप 5 से 9 के अनुसार।
  2. Save करें और PDF खोलें। नाम इनवॉइस नंबर के अनुसार रखें, जैसे INV-26-27-0042.pdf।
  3. Share बटन दबाएं और WhatsApp चुनें। कस्टमर का नंबर प्रोफाइल में सेव हो तो सीधे उसी चैट में जाता है।
  4. साथ में एक लाइन लिखें: इनवॉइस नंबर, रकम और पेमेंट की ड्यू डेट। Razorpay पेमेंट लिंक हो तो वही मैसेज में जोड़ें।
  5. कस्टमर की चैट में भेजा हुआ PDF ही रिकॉर्ड है; बाद में उसी नंबर से बिल दोबारा न बनाएं।

ऑनलाइन जनरेटर से बना PDF भी इसी तरह शेयर होता है, बस नंबर और रिकॉर्ड आपको खुद रखना है। मोबाइल पर पूरा तरीका मोबाइल से GST बिल कैसे बनाएं में है।

आम गलतियां जो PDF में दिखती हैं

PDF सुंदर होकर भी गलत हो सकता है, और ये गलतियां बार-बार दिखती हैं।

  • इनवॉइस नंबर हाथ से बदला हुआ, जिससे सीरीज़ में गैप या डुप्लीकेट। Table 13 में यही पकड़ा जाता है।
  • राज्य गलत, जिससे IGST की जगह CGST/SGST या उल्टा। GSTIN के पहले दो अंकों से राज्य मिलाएं।
  • टेम्पलेट में सिर्फ कुल टैक्स, ब्रेकअप नहीं। B2B में ITC फेल।
  • प्रोडक्ट मास्टर में 12 या 28 प्रतिशत का पुराना रेट। नई GST दरें 2026 से अपडेट करें।
  • सर्विस की लाइन पर क्वांटिटी और यूनिट, जो Table 12 में रिजेक्ट होती है।
  • प्रोफॉर्मा का नाम बदलकर टैक्स इनवॉइस बनाना, एक ही नंबर पर।
  • भेजे हुए बिल का PDF एडिट करके दोबारा भेजना, क्रेडिट नोट की जगह।
  • पेमेंट की तारीख को बिल की तारीख मानना; बिल सप्लाई पर बनता है।

पूरी सूची GST बिलिंग की आम गलतियां में है।

PDF के बाद: नंबरिंग, रिकॉर्ड और रिटर्न

PDF डाउनलोड होना काम का अंत नहीं है। तीन चीजें बिल के बाद तय करती हैं कि यह तरीका महीने के अंत में काम आएगा या नहीं: नंबर सीरीज़ से आया हो, बिल का रिकॉर्ड सिस्टम में हो, और वही डेटा GSTR-1 में जाए।

हर invoice PDF भेजने से पहले

  • नंबर सीरीज़ से आया है, हाथ से नहीं बदला
  • कस्टमर का प्रकार और GSTIN सही, प्लेस ऑफ सप्लाई सही
  • हर लाइन में HSN या SAC और 5, 18 या 40 प्रतिशत या nil रेट
  • टैक्स CGST/SGST या IGST में सही बंटा और अलग-अलग दिख रहा है
  • लोगो, बैंक डिटेल और सिग्नेटरी का नाम PDF में दिख रहे हैं
  • PDF का नाम इनवॉइस नंबर के अनुसार
  • बिल सिस्टम में सेव है, सिर्फ डाउनलोड फोल्डर में नहीं

जब बिल सिस्टम में सेव है, तो महीने के अंत में उसी डेटा से GSTR-1 की Table 4, 5, 7, 9B, 12 और 13 बनती हैं और GSTR-3B की समरी मिलती है। जनरेटर या Excel से बने PDF में यह डेटा दोबारा भरना पड़ता है, और यहीं मिसमैच जन्म लेते हैं। myBillPlease के फ्री प्लान में 10 टेम्पलेट, 14 से ज्यादा डॉक्यूमेंट टाइप और बिल के डेटा से GSTR-1 की तैयारी एक यूज़र के लिए महीने में 100 इनवॉइस तक मिलती है।

PDF में invoice बनाना पांच मिनट का काम है। उसे हर महीने पांच मिनट का बनाए रखना, और रिटर्न के समय दोबारा टाइप न करना, यही सही तरीके की पहचान है।

Frequently asked questions

बिना सॉफ्टवेयर के invoice PDF कैसे बनाएं?
ऑनलाइन इनवॉइस जनरेटर सबसे तेज रास्ता है। mybillplease.com/tools/invoice-generator पर बिना अकाउंट के अपना नाम, GSTIN, कस्टमर, आइटम और रेट भरें और PDF डाउनलोड करें।
क्या PDF invoice GST में मान्य है?
हां। GST कानून कागज या इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मेट पर नहीं, फील्ड पर ध्यान देता है। Rule 46 के सभी फील्ड हों तो PDF पूरी तरह वैध है।
invoice PDF में कौन से फील्ड जरूरी हैं?
सप्लायर का नाम, पता और GSTIN; 16 कैरेक्टर तक का क्रमबद्ध इनवॉइस नंबर; तारीख; कस्टमर का नाम, पता और रजिस्टर्ड हो तो GSTIN; प्लेस ऑफ सप्लाई; हर लाइन में HSN या SAC, क्वांटिटी, यूनिट, रेट और टैक्सेबल वैल्यू; CGST/SGST या IGST की रकम अलग-अलग; कुल; रिवर्स चार्ज है या नहीं; और सिग्नेचर या सिग्नेटरी का नाम।
लोगो और बैंक डिटेल PDF में कैसे जोड़ें?
बिलिंग सॉफ्टवेयर में Settings में बिज़नेस प्रोफाइल खोलें, लोगो की इमेज (PNG या JPG, सादा बैकग्राउंड) अपलोड करें, और बैंक का नाम, अकाउंट नंबर, IFSC और UPI ID भरें।
मोबाइल से invoice PDF बनाकर WhatsApp पर कैसे भेजें?
ब्राउज़र या ऐप में बिल बनाएं, Save करें, और PDF के Share बटन से WhatsApp चुनें। कस्टमर का नंबर सेव हो तो सीधे उसी पर जाता है।
कौन सा टेम्पलेट B2B कस्टमर के लिए सही है?
विस्तृत टैक्स ब्रेकअप वाला क्लासिक टेम्पलेट, जिसमें हर लाइन में HSN, रेट और CGST/SGST या IGST अलग कॉलम में दिखे, और कस्टमर का GSTIN ऊपर साफ छपे।
एक बार बना PDF बाद में बदल सकते हैं?
जारी हो चुके इनवॉइस का PDF दोबारा बनाकर भेजना गलती है, क्योंकि कस्टमर के पास पुराना वर्जन है। भेजने से पहले गलती दिखे तो कैंसल करके नया बनाएं।

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About the author

Himanshu

Chartered Accountant

Advises on GST compliance, ITC and notices.

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